समाचार एजेंसी फ़ार्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, रविवार को ईरान के उत्तर-पश्चिम में उरूमिया नगर में बद्र और ख़ैबर ऑपरेशन के शहीदों की याद में आयोजित एक समारोह ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी के चीफ़ कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा है कि दुश्मन द्वारा ईरान पर अधिक से अधिक दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी शत्रुता और दबाव मानव इतिहास में अभूतपूर्व है। जनरल सलामी ने कहा कि यदि इन 44 वर्षों के दौरान दुनिया के किसी भी शक्तिशाली देश के ख़िलाफ़ हमारे दुश्मनों द्वारा हमारे ख़िलाफ़ की गई अनगिनत साज़िशों और चलाए जा रहे ख़ुफ़िया कार्यक्रमों में से केवल एक का सामना करना पड़ता तो वह देश और व्यवस्था बिखर गई होती।
ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी के चीफ़ कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलामी ने ईरानी राष्ट्र के इस मज़बूत प्रतिरोध का मुख्य कारण स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी (र.ह) और इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता का युक्तिपूर्ण नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि इतनी ज़्यादा दुश्मनी और शत्रुओँ की इतनी भारी संख्या के मुक़ाबले में इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता की बेजोड़ दृढ़ता ने कमांडरों और सैनिकों को मज़बूत और आत्मविश्वासी बना दिया है। उन्होंने कहा कि जब क़ौम का लीडर बहादुर होता है तो क़ौम भी बहादुर होती है। जनरल सलामी ने कहा कि अगर किसी को इसका उदाहरण देखना है तो वह ईरानी राष्ट्र की बहादुरी को देख सकता है। (RZ)
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